वैदिक शिक्षा
गुरुकुल एवं वेद स्वाध्याय पीठ
प्राचीन ऋषिकल्प गुरुकुल परंपरा को पुनर्जीवित कर छात्रों को वेद, उपनिषद, संस्कृत व सनातन जीवन मूल्यों का निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करना।
"धर्म केवल व्यक्तिगत आस्था नहीं, अपितु लोककल्याण, सामाजिक समरसता और समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में प्रकाश लाने का पावन मार्ग है।"
श्री हरिशंकर बीलवाल द्वारा स्थापित वैदिक सनातन जनकल्याण चैरिटेबल ट्रस्ट सनातन धर्म के शाश्वत मूल्यों, वैदिक ज्ञान परंपरा और समग्र मानव कल्याण को समर्पित एक अग्रणी सामाजिक-आध्यात्मिक संस्था है।
ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य आधुनिक युग में युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना, वैदिक शिक्षा को पुनर्जीवित करना, मातृशक्ति का वंदन करना और निःस्वार्थ सेवा के माध्यम से एक सशक्त, संस्कारवान व आत्मनिर्भर समाज का निर्माण करना है।
वैदिक सनातन जनकल्याण चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा समाज, संस्कृति और लोककल्याण हेतु संचालित निरंतर सेवा कार्य।
वैदिक शिक्षा
प्राचीन ऋषिकल्प गुरुकुल परंपरा को पुनर्जीवित कर छात्रों को वेद, उपनिषद, संस्कृत व सनातन जीवन मूल्यों का निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करना।
संस्कार प्रतिष्ठा
सर्वसमाज के बटुकों व युवाओं हेतु सामूहिक यज्ञोपवीत (जनेऊ) संस्कार का भव्य आयोजन, जिसमें वैदिक विधि-विधान से दीक्षा व दैनिक संध्योपासन सिखाया जाता है।
मातृशक्ति वंदन
राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, हरियाली तीज व लहरिया महोत्सव के माध्यम से मातृशक्ति का पावन सम्मान व समाज में उनके योगदान का अभिनंदन।
आध्यात्मिक अनुष्ठान
विश्व शांति, पर्यावरण शुद्धि और राष्ट्र कल्याण हेतु प्रतिवर्ष श्रावण मास में सवा लाख पार्थिव शिवलिंग निर्माण, महा रुद्राभिषेक और विशाल धर्मसभा का आयोजन।
गौ सेवा व प्रकृति
गोवंश संवर्धन, स्थानीय गौशालाओं को चारा-पानी सहयोग तथा राजस्थान की मरुधरा में जल संरक्षण व सघन पौधरोपण अभियानों का संचालन।
यदि आप वैदिक शिक्षा, सामूहिक संस्कारों, मातृशक्ति सम्मान अथवा जनकल्याण अभियानों में सेवा अथवा सहभागिता करना चाहते हैं, तो वैदिक सनातन जनकल्याण चैरिटेबल ट्रस्ट से सीधे संपर्क करें।