जयपुर में ब्रह्मशक्ति गरबा महोत्सव 2026: दादी-नानी, मां-बेटियों की तीन पीढ़ियों ने किया डांडिया, करीब 1000 महिलाओं ने लिया भाग
जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में भारतीय संस्कृति, पारिवारिक एकता और महिला शक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। एमआई रोड स्थित चैंबर भवन में सर्व ब्राह्मण महासभा जयपुर जिला महिला प्रकोष्ठ की ओर से ‘ब्रह्मशक्ति गरबा और डांडिया महोत्सव 2026’ का आयोजन किया गया। इस महोत्सव में करीब 1000 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण तीन पीढ़ियों की महिलाओं द्वारा सामूहिक डांडिया नृत्य रहा। इसमें दादी-नानी, मां और बेटियों ने एक साथ नृत्य कर पारिवारिक एकता और भारतीय लोकसंस्कृति का संदेश दिया।
तीन पीढ़ियों ने एक साथ किया डांडिया
महोत्सव में दादी-नानी, मां और बेटियों की सामूहिक भागीदारी ने आयोजन को विशेष बना दिया। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने गरबा और डांडिया नृत्य के माध्यम से भारतीय लोकसंस्कृति की खूबसूरत झलक प्रस्तुत की। आयोजन में करीब 1000 महिलाओं की भागीदारी रही। आयोजकों के अनुसार, 55 तिकड़ियों ने एक साथ डांस कर विश्व रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक संगीत की धुनों पर गरबा और डांडिया प्रस्तुतियां दीं। रंग-बिरंगे परिधानों, उत्साह और सामूहिक नृत्य ने आयोजन स्थल पर उत्सव का माहौल बना दिया।
ममता शर्मा और डॉ. कविता शास्त्री के नेतृत्व में आयोजन
कार्यक्रम की व्यवस्थाएं जयपुर जिला महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष ममता शर्मा और संगठन महामंत्री डॉ. कविता शास्त्री के नेतृत्व में की गईं। आयोजन में प्रतिभागियों के पंजीकरण, समन्वय और सामूहिक प्रस्तुतियों के लिए विशेष इंतजाम किए गए। महिला प्रकोष्ठ की पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के सफल संचालन में सहयोग दिया।
महोत्सव का उद्देश्य महिलाओं को सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ना, पारिवारिक संबंधों को मजबूत करना और नई पीढ़ी को भारतीय लोकपरंपराओं से परिचित कराना रहा।
माता की आराधना और महाआरती से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत माता की पूजा-अर्चना और सामूहिक महाआरती के साथ हुई। महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक आराधना कर परिवारों की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। इसके बाद पारंपरिक गीत-संगीत के साथ गरबा और डांडिया की प्रस्तुतियां हुईं।
डांडिया की ताल और महिलाओं के उत्साह से आयोजन स्थल पर उत्सवपूर्ण वातावरण बना रहा। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ प्रतिभागियों को अपनी कला और प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर भी मिला।
पंडित हरि शंकर बीलवाल रहे मुख्य अतिथि
महोत्सव में समाजसेवी पंडित हरि शंकर बीलवाल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि दादी, मां और बेटी की एक साथ भागीदारी पारिवारिक एकजुटता, संस्कारों की निरंतरता और नारी शक्ति का सुंदर उदाहरण है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन पीढ़ियों के बीच रिश्तों को मजबूत करने के साथ भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कई जनप्रतिनिधि और समाज के पदाधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में जयपुर की सांसद मंजू शर्मा, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष राखी राठौड़, जयपुर की उपमहापौर सरोज कंवर, सर्व ब्राह्मण महासभा महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. शैल शास्त्री, प्रदेश अध्यक्ष दिनेश शर्मा, जयपुर शहर अध्यक्ष अजय शर्मा, बीएम शर्मा और नरवर आश्रम समिति के सचिव सहित समाज के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। आयोजक मंडल की ओर से अतिथियों का स्वागत किया गया।
विजेताओं को पुरस्कार देकर किया सम्मानित
महोत्सव के समापन अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। आयोजन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सामूहिक भागीदारी के माध्यम से महिलाओं की प्रतिभा को मंच मिला। कार्यक्रम का संचालन सौम्यता मिश्रा ने किया।
भारतीय संस्कृति और पारिवारिक एकता का दिया संदेश
ब्रह्मशक्ति गरबा एवं डांडिया महोत्सव 2026 ने पारिवारिक एकता, महिला सशक्तीकरण और भारतीय लोकपरंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया। एक ही मंच पर तीन पीढ़ियों की महिलाओं की भागीदारी ने यह दर्शाया कि सांस्कृतिक परंपराएं परिवारों को जोड़ने और नई पीढ़ी को अपनी विरासत से परिचित कराने का सशक्त माध्यम हैं। जयपुर में आयोजित इस महोत्सव में महिलाओं का उत्साह और सामूहिक सहभागिता आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही।
नोट: विश्व रिकॉर्ड का प्रयास किए जाने की जानकारी आयोजन से संबंधित उपलब्ध विवरण पर आधारित है। रिकॉर्ड बनने या आधिकारिक रूप से प्रमाणित होने की पुष्टि अलग से की जानी चाहिए।