जरूरतमंद बच्चों को बांटी पढ़ाई की सामग्री: किसी ने डॉक्टर तो किसी ने अफसर बनने का देखा सपना; वैदिक सनातन जनकल्याण ट्रस्ट की पहल
जयपुर। वैदिक सनातन जनकल्याण ट्रस्ट, जयपुर की ओर से जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई में सहयोग कर उनके सपनों को साकार करने की पहल की जा रही है। ट्रस्ट के मुख्य संरक्षक पंडित हरिशंकर बीलवाल 'धर्मरक्षक' ने शनिवार को बच्चों को शिक्षण सामग्री भेंट की और उनसे उनके भविष्य के सपनों के बारे में जाना। वे अब तक 70 से ज्यादा बच्चों की शिक्षा में सहयोग कर चुके हैं।
इस दौरान उन्होंने बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करते हुए बेहतर भविष्य के लिए मेहनत और लगन से पढ़ाई करने का संदेश दिया। उनका मानना है कि आर्थिक अभाव किसी बच्चे की प्रतिभा और उसके सपनों की राह में बाधा नहीं बनना चाहिए। इसी उद्देश्य से वे जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में सहयोग कर रहे हैं। उनका सेवा प्रयास बच्चों को पढ़ाई के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के साथ उनमें आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की प्रेरणा जगाने पर केंद्रित है।
70 से ज्यादा बच्चों की शिक्षा में सहयोग
पंडित हरिशंकर बीलवाल अब तक 70 से ज्यादा जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में सहयोग कर चुके हैं। वे ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में पहुंचकर बच्चों को किताबें, कॉपियां, जूते और मोजे उपलब्ध कराते हैं। उनका मानना है कि शिक्षा में किया गया सहयोग बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
बच्चों को शिक्षण सामग्री वितरित करने के साथ उनसे बातचीत कर उनके भविष्य के सपनों के बारे में भी जानकारी ली गई। किसी ने डॉक्टर तो किसी ने अफसर बनने की इच्छा जताई। इस दौरान बच्चों को अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए मेहनत, लगन और नियमित पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया गया।
कोरोना काल में 2000 से ज्यादा परिवारों की मदद
उनकी सेवा गतिविधियां शिक्षा तक सीमित नहीं हैं। कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने 2000 से ज्यादा जरूरतमंद परिवारों तक राशन और आवश्यक सामग्री पहुंचाने में सहयोग किया। इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की 22 बेटियों के विवाह में सहायता की।
सर्दियों में कंबल वितरण और गर्मियों में प्याऊ व वाटर कूलर की व्यवस्था जैसे कार्यों के माध्यम से भी वे आमजन की मदद करते रहे हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को राहत पहुंचाना और समाज में सेवा तथा सहयोग की भावना को बढ़ावा देना है।
पशु-पक्षियों की सेवा में भी सक्रिय
पंडित बीलवाल मानव सेवा के साथ बेजुबान पशु-पक्षियों की देखभाल को भी महत्वपूर्ण मानते हैं। उनके सेवा प्रयासों में गोशालाओं में हरी घास और सब्जियों की व्यवस्था, पक्षियों के लिए चुग्गा और स्वच्छ पानी तथा बंदरों और श्वानों के लिए भोजन उपलब्ध कराना शामिल है।
पशु-पक्षियों की सेवा के माध्यम से वे जीवों के प्रति संवेदनशीलता और देखभाल का संदेश देते हैं। उनकी गतिविधियों में जरूरतमंद लोगों की सहायता के साथ बेजुबान जीवों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था करना भी शामिल है।
जनकल्याण के कार्यों में योगदान
सनातन संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़े पंडित हरिशंकर बीलवाल धार्मिक गतिविधियों, मंदिरों के निर्माण एवं जीर्णोद्धार और जनकल्याण के कार्यों में भी सहयोग करते रहे हैं। उन्हें 'धर्मरक्षक' की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है।
उनकी सेवा गतिविधियां शिक्षा, सामाजिक सहायता, धार्मिक कार्यों और पशु-पक्षियों की देखभाल जैसे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी हैं। जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा के अवसर देना, संकट के समय परिवारों का साथ देना और बेजुबान जीवों की देखभाल करना उनके सेवा कार्यों का हिस्सा है।
बच्चों को दिया मेहनत और लगन से पढ़ाई करने का संदेश
शनिवार को बच्चों के साथ संवाद और शिक्षण सामग्री वितरण इसी सेवा भावना का हिस्सा रहा। पंडित हरिशंकर बीलवाल का मानना है कि आर्थिक अभाव किसी बच्चे की प्रतिभा और उसके सपनों की राह में बाधा नहीं बनना चाहिए। इसी उद्देश्य से वे जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में सहयोग कर रहे हैं।
शिक्षा के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के साथ बच्चों में आत्मविश्वास जगाना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना भी इस पहल का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए मेहनत और लगन से पढ़ाई करने तथा अपने सपनों को पूरा करने का संदेश दिया गया।
वैदिक सनातन जनकल्याण ट्रस्ट की यह पहल जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने और समाज में सेवा, सहयोग तथा सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का प्रयास है।