लोकमत भारत के खास पॉडकास्ट कार्यक्रम में धर्म रक्षक पं. हरिशंकर बीलवाल जी के साथ सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति, समाज में संस्कारों का महत्व, युवाओं के समक्ष वर्तमान चुनौतियां और देश के विकास में युवा शक्ति की भागीदारी पर विस्तृत एवं प्रेरणादायी परिचर्चा आयोजित की गई।
प्रमुख परिचर्चा बिंदु (Key Highlights)
- धर्मरक्षा का वास्तविक अर्थ: धर्म केवल अनुष्ठान नहीं, अपितु जीवन जीने की श्रेष्ठ पद्धति, राष्ट्र सेवा और समाज के प्रति निष्ठावान दायित्व है।
- सनातन संस्कृति व संस्कारों का संवर्धन: आधुनिक युग में युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े रखने और पारिवारिक मूल्यों के संरक्षण पर विशेष बल।
- सामाजिक बुराइयों का निवारण: नशामुक्ति, पाखंड और सामाजिक विसंगतियों से दूर रहकर युवाओं को सकारात्मक दिशा में अग्रसर होने का आह्वान।
- युवा सशक्तिकरण व आत्मनिर्भरता: कौशल विकास, उद्यमशीलता और नवीन हरित ऊर्जा पहलों के माध्यम से राजस्थान के युवाओं के लिए गरिमापूर्ण रोजगार सृजन।
- वैदिक सनातन जनकल्याण ट्रस्ट की समाज सेवा: वेद स्वाध्याय पीठ गुरुकुल, शिक्षा सहयोग, निर्धन बालिकाओं की सहायता एवं जन-कल्याणकारी प्रकल्पों की रूपरेखा।
"युवा शक्ति ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति है। जब हमारे युवा धर्म, संस्कार और कर्मठता के मार्ग पर चलेंगे, तभी हमारा समाज और राष्ट्र परम वैभव को प्राप्त करेगा।"
— पं. हरिशंकर बीलवाल (धर्म रक्षक)
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